‘माझी लाड़की बहिन योजना’ का आवेदन भरने के लिए महिलाओं की लगी कतार..सीएम शिंदे ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।


हाल ही में आयी राज्य सरकार की नयी योजना “माज़ी लड़की बहिन” का लाभ उठाने के लिए राज्य भर में महिलाएं खूब बढ़ चढ़ कर भाग ले रहीं हैं। हर शर में महिलाएँ कतार में खड़ी देखी जा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति भी पैदा हो रही है।
महिलाओं को हो रही तकलीफ़ को देखते हुए, राज्य सरकर ने हाल ही में कुछ छूट दी है, जिसमें आवेदन की अंतिम तिथि को 31 अगस्त, 2024 तक बढ़ाना भी शामिल है, जिसमें 1 जुलाई से 1500 रुपये प्रति माह का लाभ भी शामिल होगा।

इसके अलावा, योजना की पात्रता मानदंड में भी अब 21 से 65 वर्ष की आयु की महिलाएं शामिल हैं।
आवेदन की प्रक्रिया को निर्विघ्न बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। हाल हाई में, उन्होंने सभी योजनाओं की प्रक्रिया को कम काम से कम समय में पूरा करने के कड़क निर्देश दिए हैं। और उसमें भी ख़ासकर ऐसी योजनाएँ जो आर्थिक सहायता से जुड़े हैं।

योजना लाभार्थियों की सम्पूर्ण कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जा जाने वाली है। सभी ज़िला कलेक्टरों को योजना की पूरी प्रक्रिया पर सतर्क निगरानी रखने का दायित्व सौंपा गया है। मुख्यमंत्री शिंदे ने स्पष्ट कहा है कि “दलाल जो कागजी कार्रवाई या फॉर्म सबमिशन में तेजी लाने की पेशकश करके लोगों से पैसा एंठते हैं उन्हें क़तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिंदे ने ये भी कहा की, ये हमरी ज़िम्मेदारी है की हम यह सुनिश्चित करें कि इस योजना का लाभ बिना किसी बाधा के सही प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचे।

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'माझी लाडकी बहिन योजना' में कैसे करें आवेदन?

राज्य सरकार द्वारा बनाई गयी माझी लाडकी बहिन योजना जरूरतमंद महिलाओं ओ वित्तीय सहायता प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह प्रदान करेगी। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए 46,000 करोड़ रुपये का पर्याप्त बजट रखा है। “यह योजना राज्य में माताओं और बहनों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिंदे ने कहा, ”प्रिय महिलाओं के लिए यह सरकार की ओर से एक उपहार है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उन्हें बिना किसी बाधा के आवश्यक सहायता मिले।”
शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान पारदर्शिता और कार्यप्रणाली की गति बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। शिंदे ने प्रक्रिया को निर्विघ्न और सरल बनाने के महत्व को दोहराया। शिंदे ने कहा, “हमारा पूर ध्यान पात्र महिलाओं को बिना किसी परेशानी के फॉर्म भरने मिले यह सुनिश्चित करने पर है।”

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